धरती पर उत्पत्ति अण्डे से

धरती पर उत्पत्ति अण्डे से


,जेरज से,पसीने से,वनस्पति अँकुर से होती है

 अन्य कोई रास्ता नहीं है।

तो किसी भी मनुष्य या देवता या संत

,महापुरूषों  का जन्म अगर इस ब्रह्मांड में हुआ है

 तो वो माँ के गर्भ से ही हुआ है

 अन्यथा ओर कोई भी रास्ता नहीं है

।ओर रही बात ईश्वर की तो वो एक निराकार शक्ति है

 ओर पूरे ब्रह्मांड में एक रूप निरंतर मोजूद है

 ।वही शक्ति पैदा करती है ,

पालन करती है ओर नष्ट करती है ।

इस ब्रह्माण्ड में एक ही ईश्वर है वही अल्लाह है

,राम है,शिव है,गुरू है ,god है

।वह पानी में ,आकसिजन में ,मिट्टी में ,हवा में ,

आग में ,आकाश में ओर पाताल में,

पशु पक्षियों मे ,

वनस्पति में,सूर्य मे ,तारो मे ,

 व सम्पूर्ण ब्रह्मांड के कण कण में एक रूप निरंतर गमन कर रही है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जो लोग पत्नी का मजाक उड़ाते है।

एक फेमस हॉस्पिटल

“ मैंने दहेज़ नहीं माँगा ”