संदेश

"एक चुटकी ज़हर रोजाना"

आरती नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी। कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है। सास पुराने ख़यालों की थी और बहू नए विचारों वाली।
आरती और उसकी सास का आये दिन झगडा होने लगा।
दिन बीते, महीने बीते. साल भी बीत गया. न तो सास टीका-टिप्पणी करना छोड़ती और न आरती जवाब देना। हालात बद से बदतर होने लगे। आरती को अब अपनी सास से पूरी तरह नफरत हो चुकी थी. आरती के लिए उस समय स्थिति और बुरी हो जाती जब उसे भारतीय परम्पराओं के अनुसार दूसरों के सामने अपनी सास को सम्मान देना पड़ता। अब वह किसी भी तरह सास से छुटकारा पाने की सोचने लगी.
एक दिन जब आरती का अपनी सास से झगडा हुआ और पति भी अपनी माँ का पक्ष लेने लगा तो वह नाराज़ होकर मायके चली आई।
आरती के पिता आयुर्वेद के डॉक्टर थे. उसने रो-रो कर अपनी व्यथा पिता को सुनाई और बोली – “आप मुझे कोई जहरीली दवा दे दीजिये जो मैं जाकर उस बुढ़िया को पिला दूँ नहीं तो मैं अब ससुराल नहीं जाऊँगी…”
बेटी का दुःख समझते हुए पिता ने आरती के सिर पर प्यार से हाथ फेरते …
1⃣7⃣❗0⃣7⃣❗2⃣0⃣1⃣9⃣

            *प्रसन्नता कोई तुम्हें नहीं दे सकता, ना ही बाजार में किसी दुकान पर जाकर पैसे देकर आप खरीद सकते हैं। अगर पैसे से प्रसन्नता मिलती तो दुनिया के सारे अमीर खरीद लेते।*

         *प्रसन्नता जीवन जीने के ढंग से आती है। जिंदगी भले ही खूबसूरत हो लेकिन जीने का अंदाज खूबसूरत ना हो तो जिंदगी को बदसूरत होते देर नहीं लगती। झोंपड़ी में भी कोई आदमी आनन्द से लबालब मिल सकता है और कोठियों में भी दुखी, अशांत, परेशान आदमी मिल जायेगा।*

          *आज से ही सोचने का ढंग बदल लो जिंदगी उत्सव बन जायेगी। स्मरण रखना संसार जुड़ता है त्याग से और बिखरता है स्वार्थ से। त्याग के मार्ग पर चलोगे तो सबका अनुराग बिना माँगे ही मिलेगा और जीवन बाग़ बनता चला जायेगा।*

 *जय श्री कृष्ण*🙏🙏

 *आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*
*गुरु ही मीत है*
*गुरु ही प्रीत है*
*गुरु ही जीवन है*
*गुरु ही प्रकाश है*
*गुरु ही सांस है*
*गुरु ही आस है*
*गुरु ही प्यास हैै*
*गुरु ही ज्ञान है*
*गुरु ही ससांर है*
*गुरु ही प्यार है*
*गुरु ही गीत है*
*गुरु ही संगीत है*
*गुरु ही लहर है*
*गुरु ही भीतर है*
*गुरु ही बाहर है*
*गुरु ही बहार है*
*गुरु ही प्राण है*
*गुरु ही जान है*
*गुरु ही संबल है*
*गुरु ही आलंबन है*
*गुरु ही दर्पण है*
*गुरु ही धर्म है*
*गुरु ही कर्म है*
*गुरु ही मर्म है*
*गुरु ही नर्म है*
*गुरु ही प्राण है*
*गुरु ही जहान है*
*गुरु ही समाधान है*
*गुरु ही आराधना है*
*गुरु ही उपासना है*
*गुरु ही सगुन है*
*गुरु ही निर्गुण है*
*गुरु ही आदि है*
*गुरु ही अन्त हैै*
*गुरु ही अनन्त है*
*गुरु ही विलय है*
*गुरु ही प्रलय है*
*गुरु ही आधि है*
*गुरु ही व्याधि है*
*गुरु ही समाधि है*
*गुरु ही जप है*
*गुरु ही तप है*
*गुरु ही ताप है*
*गुरु ही यज्ञः है*
*गुरु ही हवन है*
*गुरु ही समिध है*
*गुरु ही समिधा है*
*गुरु ही आरती है*
*गुरु ही भजन है*
*गुरु ही भोजन है*
*गुरु ही साज है*
*गुरु ही वाद्य है*
*गुरु ही वन्दना है*
*गुरु ही आलाप है*
*गुरु ही …
सुतार के घर की रोटी, ब्राह्मण के घर की दाल।

        छप्पन भोग में भी नही ऐसा कमाल।

  सुतार के  घर  का आचार
        बदल देता है विचार।


सुतार के  घर  का पानी।     
शुद्ध करे वाणी।

सुतार के घर  के फल और फूल।
      उतार देती है जन्मों -जन्मों की धूल।
सुतार की  छाया।
        बदल देती है काया।

सुतार के घर  का रायता।
        मिलती है चारों और से सहायता।

 सुतार के घर के आम।
       नई सुबह नई शाम
 सुतार के घर का हलवा
      दिखाता है जलवा।

सुतार की सेवा।
     मिलता है मिश्री और मेवा।

    💐💐  जय बोलो  💐💐
 🌷     श्री विश्वकर्मा जी महाराज 🌷 सुतार हो तो आगे शेयर जरूर करें🙏🏻🙏🏻🙏🏻👍🏼👍🏼👍🏼👍🏼👍🏼
एक लड़का एक लड़की से बहुत प्यार करता था
.
लड़का :- खाना खाया बाबू ..?
.
लड़की :- नही मूड ख़राब है....
.
लड़का :- क्यों क्या हुआ बाबू ...?
.
लड़की :- मै एक ड्रेस् लेना चाहती हु और मम्मी पापा पैस नही दे
रहे हे.
.
लड़का :- तो मै दिला दूंगा पागल ....
.
लड़की :- तुम कैसे दे सकते हो ..? तुम्हारे पास है इतने पैसा
.
लड़का :- तुम Tention ना लो .... और खाना खा लो बाबू
.
अगले दिन लड़का अपनी गोल्ड चैन बेचकर लड़की को ड्रेस दिला देता है
.
लड़की :- बहुत खुश होती है i love you Dear
.
और देखते देखते 4 महीने बीत जाते है और एक दिन अचानक
.
लड़की :- हम अब कभी नही मिलेगे ... एक अमीर लड़के से शादी कर रही हूँ
.
लड़का :- But मै तुम्हे प्यार करता हूँ
.
लड़की :- प्यार से ज़िन्दगी नही गुजरती मेरी और भी जरूरते है और
तुम हमे कुछ नही दे सकते हो ओके गुड़ बाय और हो सके तो हमे भूल जाना.
.
लड़का :- कभी जरूरते पड़ी तो एक दिन वो चीज़ भी दे दूंगा जो
कभी सोची नही होगी ओके अपना ख्याल रखना और खुश रहना
.
और लड़की 2 वीक बाद रिच लड़के से शादी कर लेती है और
.
धीरे-धीरे 2 साल गुजर जाते है पर लड़का तब भी उस लड़की के पल पल की खबर रखता और एक दिन लड़की की तबि…
पहली बार किसी कविता को पढ़कर आंसू आ गए ।😔😔

दुध पिलाया जिसने छाती से निचोड़कर
मैं "निकम्मा, कभी 1 ग्लास पानी पिला न सका । 😭

बुढापे का "सहारा,, हूँ "अहसास" दिला न सका
पेट पर सुलाने वाली को "मखमल, पर सुला न सका । 😭

वो "भूखी, सो गई "बहू, के "डर, से एकबार मांगकर
मैं "सुकुन,, के "दो, निवाले उसे खिला न सका ।😭

नजरें उन "बुढी, "आंखों से कभी मिला न सका ।
वो "दर्द, सहती रही में खटिया पर तिलमिला न सका । 😔

जो हर "जीवनभर" "ममता, के रंग पहनाती रही मुझे
उसे "दिवाली  पर दो "जोड़ी, कपडे सिला न सका । 😭

"बिमार बिस्तर से उसे "शिफा, दिला न सका ।
"खर्च के डर से उसे बड़े अस्पताल, ले जा न सका । 😔

"माँ" के बेटा कहकर "दम,तौडने बाद से अब तक सोच रहा हूँ,
"दवाई, इतनी भी "महंगी,, न थी के मैं ला ना सका । 😭

माँ तो माँ होती हे भाईयों माँ अगर कभी गुस्से मे गाली भी दे तो उसे उसका "Duaa" समझकर भूला देना चाहिए|✨,, ✨

मैं  यह वादा करता  अगर यह पोस्ट आप दस ग्रुप मे भेजोगे तो कम …
शुभ रात्रि आदरणीय मित्रगण 🙏 🙏

              🌺🌹 सत्यम् शिवम् सुन्दरम् 🌹🌺

जय मिथिला, जय मैथिली ।

मित्रों आज सोमवार है, आज हम आपको अमरनाथ की अमरकथा का रहस्य बतायेगें!!!!!!

केदारनाथ से आगे है अमरनाथ और उससे आगे है कैलाश पर्वत। कैलाश पर्वत शिवजी का मुख्‍य समाधिस्थ होने का स्थान है तो केदारनाथ विश्राम भवन। हिमालय का कण-कण शिव-शंकर का स्थान है। बाबा अमरनाथ को आजकल स्थानीय मुस्लिम लोगों के प्रभाव के कारण 'बर्फानी बाबा' कहा जाता है, जो कि अनुचित है। उन्हें बर्फानी बाबा इसलिए कहा जाता है कि उनके स्थान पर प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग निर्मित होता है।

शिवलिंग का निर्मित होना समझ में आता है, लेकिन इस पवित्र गुफा में हिम शिवलिंग के साथ ही एक गणेश पीठ व एक पार्वती पीठ भी हिम से प्राकृतिक रूप में निर्मित होता है। पार्वती पीठ ही शक्तिपीठ स्थल है। यहां माता सती के कंठ का निपात हुआ था। पार्वती पीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता के अंग तथा अंगभूषण की पूजा होती है। ऐसे बहुत से तीर्थ हैं, जहां प्राचीनकाल में सिर्फ साधु-संत ही जाते थे और वहां जाकर वे तपस्या करते थे। लेकिन आजकल यात्…